शनिवार, 30 अक्तूबर 2010

लग ना जाये कही तुमको अपनी नज़र

सबकी नज़रो से खुद को बचा लीजिये 
एक काला तिल रुख पर लगा लीजिये 

लग ना जाये कही तुमको अपनी नज़र 
आईने से  निगाहें  हटा  लीजिये 

खुद पे भी आपको प्यार आ जायेगा 
ख्वाब आँखों मे कोंई सजा लीजिये 

हंसके कट जायेगा प्यार का रास्ता 
हमसफ़र मुझको अपना बना लीजिये 

बेकरारी मे भी चैन मिल जायेगा 
"मीत" को अपने दिल से लगा लीजिये 

रोहित कुमार "मीत"


1 टिप्पणी:

  1. बेकरारी मे भी चैन मिल जायेगा
    "मीत" को अपने दिल से लगा लीजिये


    Waah kya baat hai .........

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