फिक्र मुझको नहीं जमाने की
मेरी आदत है मुस्कुराने की
एक दिन मेरी जान जाएगी
उनको आदत है आजमाने की
मेरी तो आदत है मनाने की
उनकी फितरत है रूठ जाने की
तेरे चेहरे ने कह दिया सबकुछ
कुछ जरुरत नहीं बताने की
"मीत" उतना ही याद आये है
कोशिशे जितना की भुलाने की
रोहित कुमार "मीत"
रविवार, 26 दिसंबर 2010
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