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"MEET" SHAYRIE'S
गुरुवार, 19 नवंबर 2009
आईना कर दे
इतना करम मुझपे तू खुदा कर दे
मेरी चादर मेरे कद से बड़ा कर दे
आज ख़ुद से बातें करनी है बहुत
तू मेरे सामने आज आईना कर दे
आजकल ख़ुद को मै ढूद्ता हूँ बहुत
ख़ुद के दरमिया तू फासला कर दे
तन्हा चलते -२ थक गया मै"मीत"
साथ अपनी यादो का काफिला कर दे
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आईना कर दे
उदास परिंदे .
मुझे महजबी अपना गुलाम कर दे
हर चीज कारोबारी
तेज रफ्तार है जिन्दगी
सब सिकंदर हो गए
मुकद्दर से इन्किलाब
आदमी मे आदमीयत क्या बात है
रुलाकर मुझको वो भी रोया होगा
मगरूर ना होना
मेरे बारे में
Rohit "meet"
नादा था गिला करता रहा तन्हाइयो से अपनी दामन को छुड़ाता रहा मै रुसवाइयो से अपनी खुश था कड़ी धूप मै कोई हमराह है अपना "मीत" अक्सर फरेब खाता रहा मै परछाइयो से अपनी
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
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