बुधवार, 27 अप्रैल 2011

हम बेवफा के नाम से मशहूर हो गए

इतने मिले है जख्म कि नासूर हो गए 
इतना मिला है दर्द कि मजबूर हो गए 
इतने लगाये दाग वफाओं के नाम पर 
हम बेवफा के नाम से मशहूर हो गए 
रोहित कुमार "मीत"

3 टिप्‍पणियां:






  1. प्रिय बंधुवर रोहित कुमार "मीत" जी
    सस्नेहाभिवादन !

    इतने मिले है जख्म कि नासूर हो गए
    इतना मिला है दर्द कि मजबूर हो गए
    इतने लगाये दाग वफाओं के नाम पर
    हम बेवफा के नाम से मशहूर हो गए

    बहुत अच्छा लिखा है …

    आपकी पुरानी पोस्ट्स की रचनाएं भी रवां-दवां और शानदार हैं

    बधाई और मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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